काशी की पत्रकारिता परंपरा लोकतंत्र की अमूल्य धरोहर : दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’

काशी की पत्रकारिता परंपरा लोकतंत्र की अमूल्य धरोहर : दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’

वाराणसी (जनवार्ता)। प्रदेश के आयुष एवं औषधि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संप्रेषण नहीं, बल्कि समाज को उसका वास्तविक स्वरूप दिखाने का दायित्व भी निभाती है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता ने सदैव जनभावनाओं को स्वर दिया है और सत्ता तथा समाज के बीच एक सशक्त सेतु की भूमिका निभाई है।

rajeshswari

गुरुवार को पराड़कर स्मृति भवन में विधायक निधि से कराए गए सौंदर्यीकरण कार्य के लोकार्पण अवसर पर उन्होंने कहा कि काशी से निकली पत्रकारिता की आवाज़ों ने देश को नई दिशा देने का कार्य किया है। पराड़कर स्मृति भवन पत्रकारिता के आदर्शों और मूल्यों का प्रतीक है तथा इसके संरक्षण एवं विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

राज्यमंत्री ने कहा कि काशी सदियों से मनीषियों, चिंतकों और ज्ञान परंपरा की भूमि रही है। इसी धरती ने अनेक राष्ट्रीय विचारों को जन्म दिया और देश को नई वैचारिक दिशा प्रदान की। उन्होंने काशी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस नगरी ने उन्हें भी सार्वजनिक जीवन में नई ऊर्जा और प्रेरणा दी है।

कार्यक्रम में काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री ने काशी पत्रकार संघ को वाटर कूलर उपलब्ध कराने वाले मालवीय मार्केट व्यावसायिक संघ के पदाधिकारियों अभिषेक केसरी, विनय अरोड़ा, ऋषि आहूजा एवं गुरमीत सिंह बग्गा को सम्मानित किया।

कार्यक्रम का संचालन संघ के महामंत्री जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने किया, जबकि आभार ज्ञापन कोषाध्यक्ष जयप्रकाश श्रीवास्तव ने किया। समारोह में संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अत्रि भारद्वाज, पूर्व महामंत्री अखिलेश मिश्र, उपाध्यक्ष सुनील शुक्ला, कैलाश यादव, प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंदन रुपानी, मंत्री विनय शंकर सिंह तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इसे भी पढ़े   हाइवे क्रॉस करते समय बाइक ने मारी टक्कर, 55 वर्षीय महिला की मौत
Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *