अस्सी घाट पर बदला गंगा आरती का स्थान
दशाश्वमेध घाट पर भी तैयारी
वाराणसी (जनवार्ता) । गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर का असर अब विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती पर भी दिखाई देने लगा है। सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए अस्सी घाट पर गंगा आरती का स्थान लगभग 10 फीट ऊपर स्थानांतरित कर दिया गया है।

दशाश्वमेध घाट पर भी गंगा का पानी आरती स्थल से केवल दो सीढ़ी नीचे तक पहुंच चुका है। इसे देखते हुए गंगा आरती समिति ने शनिवार को बैठक बुलाने का निर्णय लिया है, जिसमें जलस्तर की स्थिति की समीक्षा कर आरती स्थल बदलने पर फैसला लिया जाएगा।
शीतला घाट स्थित शीतला मंदिर के महंत बाबू महाराज ने बताया कि हर वर्ष बरसात के दौरान गंगा का जलस्तर बढ़ने पर आरती स्थल बदलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि अगले दो-तीन दिनों तक अच्छी बारिश होती रही तो घाटों के बीच आवागमन भी प्रभावित हो सकता है।
शिवगंगा दैनिक प्रभात फेरी के संगठन मंत्री नरेंद्र नाथ ने बताया कि घाटों को जोड़ने वाले चार बड़े चबूतरे पहले ही गंगा में डूब चुके हैं। दशाश्वमेध घाट से अहिल्याबाई घाट को जोड़ने वाला शीतला मंदिर के नीचे स्थित चबूतरा भी जलमग्न होने की कगार पर है। इसके डूबते ही दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती का स्थान भी बदलना पड़ सकता है।
प्रशासन और गंगा आरती समितियां जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आरती की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जा सके।

