काशी विश्वनाथ में पीएम मोदी ने देखी ‘वैदिक घड़ी’, प्राचीन समय गणना प्रणाली में दिखाई गहरी रुचि
सूर्योदय, मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति बताने वाली घड़ी बनी आकर्षण का केंद्र
वाराणसी (जनवार्ता) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान Kashi Vishwanath Temple परिसर में स्थापित ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने घड़ी की कार्यप्रणाली को ध्यानपूर्वक समझा और वैदिक समय गणना प्रणाली में विशेष रुचि दिखाई।
उज्जैन से शुरू हुई इस वैदिक घड़ी की यात्रा अब देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच रही है। यह घड़ी केवल समय बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि पंचांग आधारित कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी उपलब्ध कराती है। इसमें सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति जैसी पारंपरिक वैदिक गणनाएं शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, इस घड़ी को हाल ही में मंदिर परिसर में स्थापित किया गया है। इसे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने 3 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को भेंट किया था, जिसके बाद इसे काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित कर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने घड़ी की विशेषताओं और इसके पीछे की वैज्ञानिक व वैदिक पद्धति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस अनूठी घड़ी को देखने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ आधुनिक तकनीक और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का एक अनूठा संगम है, जो समय के साथ-साथ संस्कृति और ज्योतिषीय गणनाओं को भी सहज रूप में प्रस्तुत करती है।


