गंज शहीदा मस्जिद पर चस्पा दूसरा नोटिस एक घंटे में हटाया, रेलवे ने बताया भ्रामक
वाराणसी (जनवार्ता)। काशी रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के दायरे में आने वाली गंज शहीदा मस्जिद को लेकर मंगलवार को नया मोड़ सामने आया। मस्जिद को नहीं गिराए जाने संबंधी एक नया नोटिस शाम के समय मुख्य भवन पर चस्पा किया गया, लेकिन करीब एक घंटे बाद ही रेलवे अधिकारियों ने उसे भ्रामक बताते हुए हटवा दिया।

रेलवे के निर्माण विभाग के इंस्पेक्टर ऑफ वर्क (आईओडब्ल्यू) विनय कुमार सिंह ने बताया कि उक्त नोटिस रेलवे की ओर से जारी नहीं किया गया था। किसी अज्ञात व्यक्ति ने पहले से लगे रेलवे के नोटिस के ऊपर इसे चस्पा कर दिया था। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की मौजूदगी में नोटिस को हटा दिया गया।
गौरतलब है कि रेलवे के निर्माण विभाग ने 13 जून को मस्जिद पर नोटिस चस्पा कर 20 जून तक उसे हटाने का अल्टीमेटम दिया था। नोटिस में कहा गया था कि लगभग 350 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे काशी रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्य की जद में रेलवे भूमि पर स्थित गंज शहीदा मस्जिद आ रही है।
इस नोटिस के विरोध में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के सचिव एस.एम. यासीन ने आपत्तिपत्र चस्पा कर रेलवे के नोटिस को भ्रामक बताया था। उनका कहना था कि नोटिस पर किसी सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर और जारी करने की तिथि अंकित नहीं थी। साथ ही जिस मुकदमे का उल्लेख किया गया था, उसका मस्जिद से कोई संबंध नहीं है।
मंगलवार को लगाए गए दूसरे नोटिस में प्रशासनिक कारणों से पूर्व आदेश निरस्त किए जाने की बात कही गई थी। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने इसे फर्जी और भ्रामक बताते हुए तत्काल हटवा दिया।
इस बीच स्वयं को रेलवे का फीटर बताने वाले सुनील नामक व्यक्ति ने दावा किया कि दोनों नोटिस उसने रेलवे अधिकारियों के निर्देश पर चस्पा किए थे। वहीं मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने बताया कि नया नोटिस लगाया गया था, लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि नोटिस किसने हटाया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

