आरक्षण घोटाले का आरोप, सपा का भाजपा पर हमला
वाराणसी (जनवार्ता)। समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर आरक्षण व्यवस्था में गड़बड़ी कर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों से वंचित करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सपा नेताओं ने कहा कि विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षण के अधिकारों का हनन हुआ है, जिसकी जानकारी पार्टी द्वारा जारी “पीडीए आरक्षण घोटाला” पुस्तिका में दी गई है।

सपा नेताओं के अनुसार, पुस्तिका में दावा किया गया है कि पिछले दस वर्षों में 222 भर्ती परीक्षाओं में 11,514 आरक्षित पदों की स्थिति बदली गई, जिससे पीडीए वर्ग को नुकसान पहुंचा। प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़, स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा और जिला प्रवक्ता संतोष यादव ‘बबलू’ ने कहा कि संविधान प्रदत्त सामाजिक न्याय और आरक्षण के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
पार्टी ने 69 हजार शिक्षक भर्ती सहित 22 भर्तियों में आरक्षण संबंधी अनियमितताओं का आरोप लगाया। ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को निर्धारित आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिला। सपा नेताओं ने दावा किया कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी शिक्षक भर्ती में अनियमितताओं की ओर संकेत किया था।
नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आरक्षण संबंधी आंकड़ों को सार्वजनिक करने से बचती रही है और विभिन्न संस्थानों की भर्तियों में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के साथ भेदभाव हुआ है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेगी तथा 2027 में सरकार बनने पर 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने और जातीय जनगणना कराने का कार्य करेगी।

