लोहता : सीमांकन के विपरीत चकरोड निर्माण का आरोप
किसानों ने एसडीएम से लगाई गुहार
वाराणसी (जनवार्ता)। तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम कोटवा निवासी किसानों ने चकरोड निर्माण में अनियमितता और कंप्यूटरीकृत खतौनी में हुई लिपिकीय त्रुटि को लेकर उपजिलाधिकारी (सदर) से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता अजय सिंह एवं अरुण कुमार सिंह, ने बताया कि उनकी कृषि भूमि की वास्तविक आराजी संख्या 1220 है, लेकिन कंप्यूटरीकृत खतौनी में लिपिकीय त्रुटि के कारण इसे 1250 दर्ज कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी भूमि के बगल से 10 कड़ी चौड़े चकरोड का निर्माण कराया जा रहा है। राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन किए जाने के बावजूद समीपवर्ती काश्तकार द्वारा चकरोड की भूमि पर सीवर टैंक बना लेने के कारण ठेकेदार निर्धारित सीमांकन का पालन नहीं कर रहा है और चकरोड को तिरछा बनाते हुए उनकी कृषि भूमि के अंदर से निर्माण किया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि यदि सीमांकन के अनुरूप निर्माण नहीं कराया गया तो उनकी कृषि भूमि का नुकसान होगा। इस संबंध में उन्होंने उपजिलाधिकारी (सदर) नितिन सिंह को प्रार्थना पत्र देकर कंप्यूटरीकृत खतौनी में दर्ज लिपिकीय त्रुटि को तत्काल संशोधित कराने तथा राजस्व विभाग द्वारा किए गए सीमांकन के अनुसार ही चकरोड का निर्माण सुनिश्चित कराने की मांग की है।

