स्कंद षष्ठी पर काशी विश्वनाथ धाम में भगवान कार्तिकेय का विशेष पूजन
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ अनुष्ठान, जनकल्याण और राष्ट्र की उन्नति की कामना
वाराणसी (जनवार्ता)। श्री कुमार षष्ठी (स्कंद षष्ठी) के पावन अवसर पर शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में भगवान कार्तिकेय का विशेष पूजन-अर्चन वैदिक रीति-रिवाजों और शास्त्रोक्त विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्तों ने भगवान कार्तिकेय के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर के विद्वान आचार्यों एवं शास्त्रियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान कार्तिकेय का पूजन, अर्चन एवं विशेष अनुष्ठान संपन्न कराया। पूजन के दौरान भगवान के श्रीचरणों में पुष्प, फल एवं नैवेद्य अर्पित कर समस्त जनकल्याण, सुख-समृद्धि तथा राष्ट्र की उन्नति की मंगलकामना की गई।
धार्मिक मान्यता के अनुसार स्कंद षष्ठी भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र भगवान कार्तिकेय की आराधना का विशेष पर्व है। इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से साहस, तेज, विजय एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है।
पूजन-अर्चन के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान कार्तिकेय के जयकारे लगाए और परिवार, समाज तथा देश की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा और भगवान कार्तिकेय की महिमा का गुणगान किया जाता रहा।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने कहा कि स्कंद षष्ठी का पर्व उन्हें धर्म, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ता है। आयोजन ने धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी दिया। भगवान कार्तिकेय की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।


