बीएचयू जूनियर क्लर्क भर्ती परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी, टाइपिंग टेस्ट के दौरान अभ्यर्थियों का हंगामा
वाराणसी (जनवार्ता)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की जूनियर क्लर्क भर्ती परीक्षा के टाइपिंग टेस्ट में गुरुवार को तकनीकी खराबी आने के बाद अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई। परीक्षार्थियों का आरोप है कि टाइपिंग सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण सही टाइप किए गए शब्द भी गलत दिखाए जा रहे थे, जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ।

पूर्णोदय महिला महाविद्यालय केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने बताया कि पहले पैराग्राफ तक टाइपिंग सामान्य रही, लेकिन दूसरे पैराग्राफ पर पहुंचते ही सही शब्द भी स्क्रीन पर लाल रंग में दिखाई देने लगे। सामान्य स्थिति में सही शब्द हरे रंग में प्रदर्शित होते हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने तत्काल लैब इनविजिलेटर को इसकी जानकारी दी, लेकिन परीक्षा समाप्त होने तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
इसके बाद प्रभावित अभ्यर्थियों ने विश्वविद्यालय के रिक्रूटमेंट एंड असेसमेंट सेल (आरएसी) को लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोबारा अवसर देने की मांग की। शिकायत करने वालों में देवेश पांडेय, अभिषेक कुमार, अनुराग सेठ, अश्विनी चौरसिया, अभिषेक सिंह और सौरभ पांढुल समेत 15 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हैं।
परीक्षार्थियों का कहना है कि तकनीकी खामी के कारण उनकी महीनों की मेहनत प्रभावित हुई है और विश्वविद्यालय प्रशासन को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। अभ्यर्थियों ने यह भी दावा किया कि वाराणसी के अलावा लखनऊ, नोएडा, कोलकाता और रांची समेत कई परीक्षा केंद्रों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं।
लखनऊ के ओमैक्स सिटी स्थित आइओएन डिजिटल जोन केंद्र पर भी अभ्यर्थियों ने समान समस्या की बात कही। उनका आरोप है कि कई केंद्रों पर केवल औपचारिकता के तौर पर कीबोर्ड बदले गए, जबकि वास्तविक समस्या सॉफ्टवेयर या सर्वर से जुड़ी थी।
गौरतलब है कि बीएचयू में जूनियर क्लर्क के 199 पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा में देशभर से करीब 36 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। फिलहाल इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन या आरएसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

