वाराणसी : 13 साल से फरार 50 हजार का इनामी नक्सली गिरफ्तार
वाराणसी (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने लंबे समय से चल रही तलाश को अंजाम देते हुए 13 वर्षों से फरार चल रहे एक इनामी नक्सली को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह 2012 में बलिया जिले में एक ग्राम प्रधान की पत्नी की हत्या के मामले में वांछित था।

गिरफ्तार नक्सली की पहचान बलिया जिले के सहतवार थाना क्षेत्र के मुड़ियारी गांव निवासी सीताराम उर्फ विनय के रूप में हुई है। वह प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) का सक्रिय सदस्य रहा है। एटीएस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से अपना नाम और भेष बदलकर वाराणसी में छिपा हुआ था। वह रेलवे स्टेशनों के आसपास अस्थायी ठिकाना बनाकर खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा था।
एटीएस की वाराणसी यूनिट को खुफिया सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति काशी रेलवे स्टेशन पर मौजूद है। टीम ने स्टेशन पहुंचकर पूछताछ शुरू की। आरोपी के बयान संदिग्ध लगने पर उसे हिरासत में ले लिया गया। घंटों की कड़ी पूछताछ के बाद उसने अपनी असली पहचान और नक्सली गतिविधियों में संलिप्तता कबूल कर ली।
पुलिस रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि वर्ष 2012 में बलिया में ग्राम प्रधान की पत्नी की हत्या के मामले में तत्कालीन आजमगढ़ जोन के उपमहानिरीक्षक ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा, आरोपी बिहार के मुजफ्फरपुर, बांका और सीतामढ़ी जिलों में बैंक लूट, हत्या और अवैध हथियार रखने जैसे मामलों में भी वांछित है।
एटीएस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही, उससे प्राप्त जानकारी के आधार पर नक्सली नेटवर्क से जुड़े अन्य सक्रिय और फरार सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। यह गिरफ्तारी पूर्वांचल क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

