नशे से दूर रहकर भारतीय संस्कृति से जुड़ें युवा : डॉ. विशाल चतुर्वेदी
बीएचयू में युवा सम्मेलन
वाराणसी (जनवार्ता)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित ‘विकसित भारत के लिए युवा, मेरा भारत युवा सम्मेलन’ में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने युवाओं से नशे से दूर रहने और भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ने की अपील की। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में देशभर से आए युवाओं ने भाग लिया।


डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशे में डूबा युवा अपनी ऊर्जा और क्षमताओं का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता। उन्होंने कहा कि नशे में धुत युवा दस हजार लोगों को लेकर जंतर-मंतर पहुंचने और देश की दिशा-दशा बदलने की बात करता है, लेकिन युवाओं को अपनी ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक कार्यों और देश के विकास में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नशामुक्त युवा और नशामुक्त भारत की परिकल्पना पर जोर देते हैं।
फिल्म निर्देशक ने कहा कि सिगरेट पीना शुरुआत में भले ही आकर्षक लगे, लेकिन इससे फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है। नशे की निर्भरता व्यक्ति का कीमती समय और उसकी क्षमता प्रभावित करती है। युवाओं को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और उसे हासिल करने तक भटकाव से बचना चाहिए।
फिल्मों में नशे के महिमामंडन पर उठाए सवाल
फिल्म उद्योग में लगभग 15 वर्षों के अपने अनुभव साझा करते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि फिल्मों और सामाजिक माध्यमों पर कई बार नशे को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे युवाओं के बीच गलत संदेश जाता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पर्दे पर दिखाई जाने वाली हर चीज को अपने जीवन का आदर्श न बनाएं। जो चीज देखने में आकर्षक लगती है, जरूरी नहीं कि वह वास्तविक जीवन में भी सही हो।
नीम करौली बाबा से प्रेरित है ‘हनुमान अंश’
अपने फिल्मी सफर के बारे में बताते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने बीआरडी मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई पूरी की। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं पर आधारित फिल्म बनाना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि एक बड़े ओटीटी मंच ने उनसे ऐसी भारतीय कहानी प्रस्तुत करने को कहा था, जिसका महत्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो। इसके बाद उन्होंने नीम करौली बाबा के जीवन और विचारों से प्रेरित कहानी प्रस्तुत की, जो आगे चलकर ‘हनुमान अंश’ के रूप में सामने आई।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ी कहानियां भी वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकती हैं। युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ का गीत प्रस्तुत किया और युवाओं के साथ हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, सकारात्मक सोच और देश के प्रति समर्पण विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

