वाराणसी : नमो घाट परगंगा आरती देखकर लौट रहे एनआरआई पर्यटकों पर लाठी-डंडों से हमला
महिलाओं से भी बदसलूकी

वाराणसी (जनवार्ता) | वाराणसी में बुधवार शाम नमो घाट पर गंगा आरती देखने आए एनआरआई पर्यटकों के साथ मारपीट की घटना से सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि पार्किंग विवाद के दौरान कुछ गार्डों और संचालकों ने लाठी-डंडों से लैस होकर विदेशी सैलानियों पर हमला कर दिया। घटना में कई लोगों को चोटें आईं, जबकि महिलाओं से अभद्रता किए जाने का भी आरोप है।
जानकारी के अनुसार, मुंबई और हैदराबाद से आए 10 एनआरआई पर्यटक तीन दिवसीय वाराणसी यात्रा पर आए थे। बुधवार शाम सभी ने नमो घाट पर गंगा आरती देखी और बस में सवार होकर लौट रहे थे। इसी दौरान पार्किंग गार्ड ने बस को रोक लिया और चालक से गाली-गलौज करने लगा।
बस चालक ने विरोध किया तो गार्ड ने अपने साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में करीब 15 से 20 लोग लाठी-डंडों के साथ पहुंचे और बस रोककर चालक, हेल्पर तथा टूरिस्ट गाइड पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने सैलानियों से भी बदसलूकी की और महिलाओं तक को अपशब्द कहे।
हैदराबाद से आई पर्यटक मनीषा दासानी ने बताया, “हम गंगा आरती देखकर लौट रहे थे, तभी कुछ लोगों ने बस रोक ली। जब हमने गालियां देने का विरोध किया, तो हमारे पुरुष साथियों पर डंडों से हमला कर दिया गया।” वहीं मुंबई से आए दीपेंद्र कोटक ने कहा, “गंगा आरती बहुत दिव्य अनुभव था, लेकिन वापसी में जो हुआ, उसने हमें डरा दिया। हमारे एक साथी का कॉलर पकड़कर खींचा गया। हम चाहते हैं कि पुलिस दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे।”
पीड़ितों ने घटना की जानकारी आदमपुर थाने को दी। आरोप है कि पहले पुलिस ने उन्हें ही समझौते का दबाव दिया और केस दर्ज कराने से रोका। हालांकि, जब पर्यटकों ने शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही, तब पुलिस हरकत में आई।
एनआरआई परिवार का कहना है कि अगर गंगा आरती स्थल पर सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं होंगे तो विदेशी और बाहरी पर्यटक यहां आने से हिचकेंगे। “हम वाराणसी की संस्कृति देखने आए थे, लेकिन यहां जो व्यवहार मिला, उसने हमें भयभीत कर दिया,” पर्यटकों ने कहा।
पुलिस की सफाई
आदमपुर थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है, जांच जारी है। “हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी,” पुलिस ने कहा।
यह घटना एक बार फिर वाराणसी में पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, खासकर उन स्थलों पर जहां प्रतिदिन सैकड़ों विदेशी सैलानी दर्शन और आरती के लिए पहुंचते हैं।

