लोहता : कोटवा गांव में अल्पसंख्यक हिंदू परिवारों पर बढ़ता दबाव!
मुस्लिमपुरा बस्ती में निजी जमीन पर सांप्रदायिक कब्जे की कोशिश, तनाव चरम पर
वाराणसी (जनवार्ता) । लोहता थाना क्षेत्र के मुस्लिम बहुल कोटवा गांव की मुस्लिमपुरा बस्ती में एक अल्पसंख्यक हिंदू परिवार की निजी जमीन पर जबरन कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्राम प्रधान (मुस्लिम), बीडीसी सदस्य (मुस्लिम) और चौकी इंचार्ज (मुस्लिम) की कथित मिलीभगत से यह घटना हुई, जिससे गांव में भयंकर तनाव फैल गया है।


घटना का क्रम
……………………………………
बुधवार को राजस्व टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में आधिकारिक सीमांकन किया, जिसमें जमीन स्पष्ट रूप से हिंदू परिवार की बताई गई। लेकिन अगले दिन गुरुवार को ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य के समर्थकों ने सीमांकन की अनदेखी करते हुए 3 फीट अंदर घुसकर मिट्टी डालकर कब्जा जमाने की कोशिश की। गरीब काश्तकार के जोरदार विरोध के बाद ही वे रुके और शुक्रवार को जेसीबी से मिट्टी हटवाने का वादा किया।

गांव में डर का माहौल
……………………………………
हिंदू परिवारों में अब भय का माहौल है। स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि यह पहली घटना नहीं, पहले भी पथराव, धमकियां और डराने-धमकाने की घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ का कहना है कि यह सिस्टेमैटिक तरीके से हिंदुओं को बेदखल करने की कोशिश लगती है। गांव में माहौल इतना गरम है कि छोटी सी चिंगारी से बड़ा हादसा हो सकता है।
पिछली घटनाओं का सिलसिला
………………………………………..
कोटवा गांव में पहले भी सांप्रदायिक तनाव की खबरें आती रही हैं, जैसे पथराव, हत्या के मामले (भैया लाल हत्याकांड) और हिंदू परिवारों के पलायन की आशंका। हिंदू आबादी पहले 500 परिवारों से घटकर अब बहुत कम रह गई है। लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि जमीन बचाई जा सके और कानून-व्यवस्था बहाल हो।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
…………………………………….
पीड़ित परिवार और गांववासी पूछ रहे हैं—क्या प्रशासन अब भी चुप रहेगा? क्या हिंदू की जमीन बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाएगा? या फिर ऐसे मामलों में मिलीभगत जारी रहेगी?
स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन से इस मामले की जांच और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है, ताकि तनाव और न बढ़े।

