मालवीय मिशन पहुंचा देशभर में, 31 इकाइयों से चल रहीं सेवा परियोजनाएं

मालवीय मिशन पहुंचा देशभर में, 31 इकाइयों से चल रहीं सेवा परियोजनाएं

वाराणसी (जनवार्ता)। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के विचारों, आदर्शों और राष्ट्रीय चिंतन को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से स्थापित महामना मालवीय मिशन शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यह बात मिशन की काशी हिंदू विश्वविद्यालय इकाई के संगठन मंत्री प्रमील पाण्डेय ने रविवार को आयोजित एक परिचर्चा में कही।

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उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय अस्मिता और शिक्षा जगत में महामना मालवीय का योगदान अत्यंत प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने केवल एक विश्वविद्यालय की स्थापना नहीं की, बल्कि ऐसे राष्ट्रनिर्माताओं की पीढ़ी तैयार करने का स्वप्न देखा जो ज्ञान, चरित्र और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों से ओतप्रोत हों।


प्रमील पाण्डेय ने बताया कि इसी संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए 9 अप्रैल 1978 को नई दिल्ली में आयोजित काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन में महामना मालवीय मिशन की स्थापना का निर्णय लिया गया था। मिशन का उद्देश्य महामना के विचारों और मूल्यों को संरक्षित करने के साथ-साथ उन्हें जन-जन तक पहुंचाना है।


उन्होंने कहा कि महामना मालवीय मिशन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की एक पूरक संस्था के रूप में कार्य कर रहा है। जहां विश्वविद्यालय विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ तैयार करता है, वहीं मिशन उन आदर्शों और मूल्यों की ज्योति को प्रज्ज्वलित रखने का कार्य करता है। मिशन शिक्षा को राष्ट्रसेवा से जोड़ने और ज्ञान को संस्कारों से समृद्ध करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।


उन्होंने बताया कि मिशन द्वारा अब तक महामना के 23 वाङ्मय खंडों का प्रकाशन किया जा चुका है। साथ ही मिशन विभिन्न सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों तक पहुंच रहा है। सोनभद्र के अनपरा क्षेत्र में 65 वनवासी बच्चों के लिए छात्रावास का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा देशभर में मिशन की 31 इकाइयां विद्यालयों, सिलाई केंद्रों तथा अन्य सेवा परियोजनाओं का संचालन कर रही हैं।
प्रमील पाण्डेय ने कहा कि वर्ष 1978 में रोपा गया मिशन का छोटा-सा बीज आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है। मिशन से जुड़े हजारों कार्यकर्ता, शिक्षाविद् और समाजसेवी आज भी उसी समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं, ताकि महामना के विचारों का प्रकाश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

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Shiv murti

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