जिला मुख्यालय पर ‘ठेकेदार पत्रकारों’ का बढ़ता नेटवर्क, निष्पक्ष पत्रकारिता पर उठे सवाल
पुलिसकर्मियों के संरक्षण का आरोप, सोशल मीडिया के जरिए माहौल प्रभावित करने की शिकायत
वाराणसी (जनवार्ता)। जिला मुख्यालय, जहां आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचती है, वहीं इन दिनों कुछ तथाकथित ‘ठेकेदार पत्रकारों’ की गतिविधियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। आरोप है कि ऐसे लोग चंद पैसों के लालच में तथ्यों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से खबरें तैयार कर एक साथ कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ग्रुपों में प्रसारित कर देते हैं। इससे संबंधित अधिकारियों तक वास्तविक स्थिति पहुंचने से पहले ही एकतरफा और नकारात्मक माहौल बन जाता है।

शिकायतों के अनुसार, इस प्रवृत्ति के कारण फरियादियों की समस्याओं के निष्पक्ष समाधान पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि कुछ अपराधी छवि वाले अधिवक्ताओं और पुलिसकर्मियों के संरक्षण में यह पूरा खेल संचालित हो रहा है, जिससे ऐसे लोगों के हौसले बढ़े हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि बार एसोसिएशन की पहल पर इन दिनों फर्जी अधिवक्ताओं की पहचान और उन पर कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पत्रकारिता की आड़ में कथित रूप से अनुचित गतिविधियों में लिप्त लोगों की भी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी?
जिम्मेदार नागरिकों और पत्रकारिता से जुड़े लोगों का मानना है कि जिला मुख्यालय पर केवल निष्पक्ष पत्रकारों को ही कार्य करने की अनुमति मिलनी चाहिए। इससे एक ओर आमजन का भरोसा कायम रहेगा, वहीं दूसरी ओर ईमानदार और जिम्मेदार पत्रकारों की साख भी सुरक्षित रह सकेगी।

