हिंदी के संरक्षण और संवर्धन से मजबूत होगी भारतीय ज्ञान परंपरा : प्रो. महेंद्र प्रसाद कुशवाहा

हिंदी के संरक्षण और संवर्धन से मजबूत होगी भारतीय ज्ञान परंपरा : प्रो. महेंद्र प्रसाद कुशवाहा

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के श्री रणवीर संस्कृत विद्यालय में 14 से 19 सितंबर तक आयोजित हिंदी सप्ताह-2026 का शनिवार को समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों के लिए हिंदी गीत, सुलेख, कहानी लेखन, स्वरचित काव्य और नाटक सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

rajeshswari

समारोह के मुख्य अतिथि हिंदी विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य प्रो. महेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि सभी भारतीय भाषाओं में ज्ञान-विज्ञान के विकास की अपार संभावनाएं हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा को समृद्ध बनाने के लिए मातृभाषाओं का संरक्षण और संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के प्रति जागरूक रहने तथा दैनिक जीवन में इसके अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि भारत अध्ययन केंद्र, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अतिथि प्राध्यापक डॉ. अमित कुमार पाण्डेय ने लोक कथाओं के माध्यम से हिंदी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जिस भाषा में हम कथाएं और कहानियां सुनते हैं और जिस भाषा में सपने देखते हैं, वह हिंदी है। हिंदी हमारी संवेदना, स्मृति और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी भाषा है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के अध्ययन और प्रयोग के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भाषा के प्रति सम्मान हमारी सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करता है।

विद्यालय के अध्यापक डॉ. संजय त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत किया। उप-प्राचार्या एवं कार्यक्रम संयोजिका डॉ. आराधना तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नरगिस फातमा ने किया। समारोह में विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इसे भी पढ़े   सावन में शिवमय हुई काशी
Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *