सारनाथ में सूखे पौधे और गंदगी देख विश्व बैंक की टीम नाराज
अधिकारियों को सुधार के निर्देश
वाराणसी (जनवार्ता)। विश्व बैंक की टीम ने मंगलवार को सारनाथ पहुंचकर प्रो-पुअर प्रोजेक्ट के तहत कराए गए विकास कार्यों और प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जगह-जगह गंदगी और संग्रहालय परिसर के आसपास लगाए गए पौधों के सूखे मिलने पर टीम के सदस्यों ने नाराजगी जताई। टीम ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

विश्व बैंक की टीम सुबह करीब 10:19 बजे सारनाथ पहुंची। सबसे पहले पुरातात्विक संग्रहालय के आसपास के क्षेत्रों का जायजा लिया। गैदरिंग प्लाजा के आसपास अवैध दुकानों को देखकर टीम ने इसकी जानकारी पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को दी। संग्रहालय परिसर के आसपास लगाए गए पौधों के सूखे होने पर भी टीम ने चिंता जताई।
इसके बाद टीम ने व्याख्यान कक्ष का निरीक्षण किया और वहां प्रदर्शित प्राचीन चित्रों के माध्यम से सारनाथ के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी ली। पुरातात्विक संग्रहालय की हिंदू गैलरी में टीम ने देवी-देवताओं की प्रतिमाओं और कलाकृतियों का अवलोकन किया तथा उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी प्राप्त की।
संग्रहालय के कॉमन रूम में रखे भारत के राष्ट्रीय चिह्न चार सिंह शीर्ष को भी टीम ने देखा और उसके ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली। राष्ट्रीय चिह्न की कलाकृति और चमक को देखकर टीम के सदस्य प्रभावित नजर आए। इसके बाद बुद्ध गैलरी में भगवान बुद्ध से संबंधित प्रतिमाओं का अवलोकन किया।
निरीक्षण के अंतिम चरण में टीम पुरातात्विक उत्खनित स्थल परिसर पहुंची। यहां धर्मराजिका स्तूप, अशोक की लाट, मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर के अवशेष और धमेख स्तूप का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने टीम को इन ऐतिहासिक स्मारकों की पृष्ठभूमि और उनके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

