बिस्मिल्लाह खान के पुश्तैनी मकान का पुनर्निर्माण के बाद बनेगा म्यूजियम
वीडीए ने दी सफाई, कहा- परिवार खुद करा रहा निर्माण कार्य, प्रशासन की कोई भूमिका नहीं
वाराणसी (जनवार्ता)। भारत रत्न और शहनाई के महान साधक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के पुश्तैनी मकान के ध्वस्तीकरण को लेकर सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने स्थिति स्पष्ट की है। प्राधिकरण के मुताबिक, मकान को किसी सरकारी आदेश या कार्रवाई के तहत नहीं तोड़ा जा रहा है, बल्कि परिवार के सदस्य स्वयं उसका नवीनीकरण करा रहे हैं। राहत की बात यह है कि पुनर्निर्माण के बाद इसी स्थान पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का म्यूजियम स्थापित करने की योजना है।

वीडीए सचिव वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर मिली शिकायतों के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में पता चला कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के पौत्र एवं स्वर्गीय महताब हुसैन के पुत्र मो. सिब्तैन का मकान संख्या सीके 46/63, भीखाशाह गली, सराय हड़हा, चौक में स्थित है।
करीब 500 वर्गफीट क्षेत्रफल में बना यह जी+1 मंजिला भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका था। ऐसे में परिवार के सदस्य मकान का नवीनीकरण करा रहे हैं। इसी प्रक्रिया के तहत पुराने भवन के ढांचे को हटाकर नए सिरे से निर्माण कराया जाना है।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू परिवार की ओर से सामने आई वह जानकारी है, जिसमें पुनर्निर्माण के बाद उसी स्थान पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का म्यूजियम स्थापित कराने की बात कही गई है। इससे शहनाई के इस महान कलाकार की स्मृतियों, उनके जीवन और संगीत की विरासत को संरक्षित करने की उम्मीद जगी है। यदि यह योजना साकार होती है तो आने वाली पीढ़ियों को उनकी सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
वीडीए सचिव ने स्पष्ट किया कि मकान के ध्वस्तीकरण और नवीनीकरण की पूरी प्रक्रिया परिवार की ओर से कराई जा रही है। इसमें वाराणसी विकास प्राधिकरण अथवा जिला प्रशासन की कोई भूमिका या सहभागिता नहीं है।

