सांसद वीरेंद्र सिंह की पहल के बीच चंदौली में विद्युत व्यवस्था मजबूत करने की कार्ययोजना
नए ट्रांसफार्मर, क्षमता वृद्धि, नए विद्युत उपकेंद्र और लाइनों के विस्तार के कार्य प्रस्तावित
चंदौली (जनवार्ता)। जिले में विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है। बिजली विभाग की कार्य प्रगति रिपोर्ट में नए ट्रांसफार्मर लगाने, पुराने ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने तथा विद्युत लाइनों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण से जुड़े कई कार्य दर्ज हैं। सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी जुलाई 2026 में बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले में विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं और किसानों की बिजली संबंधी जरूरतों पर चर्चा की थी।

बिजली विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, विद्युत वितरण खंड प्रथम चंदौली, विद्युत वितरण खंड द्वितीय मुगलसराय और सकलडीहा क्षेत्र में बड़ी संख्या में कार्य प्रस्तावित हैं। बर्थी कमरौर, डैलूपट्टी, नौबतपुर, सवैया पट्टीदारी, लोकमानपुर, प्रीतमपुर, बरियारपुर, बरउर सहित कई गांवों में नए ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव है। चंदौली के यातायात छात्रावास परिसर में 250 केवीए क्षमता का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य भी रिपोर्ट में शामिल है।
रिपोर्ट में चंदासी क्षेत्र, अंबेडकर प्रतिमा के समीप तथा अन्य स्थानों पर नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने से संबंधित कार्य भी दर्ज हैं। इसके अलावा सकलडीहा क्षेत्र में भी नए विद्युत उपकेंद्र और विद्युत ढांचे के विस्तार के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
विद्युत भार के अनुरूप ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के कार्य भी योजना में शामिल हैं। बगही क्षेत्र सहित कई स्थानों पर 25 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को 63 केवीए तथा 63 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को 100 केवीए तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। कुछ स्थानों पर 100 केवीए से बढ़ाकर 250 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाने की योजना भी रिपोर्ट में दर्ज है।
विद्युत आपूर्ति तंत्र को मजबूत करने के लिए 11 केवी और 33 केवी विद्युत लाइनों के विस्तार, क्षतिग्रस्त तारों को हटाकर एबी केबल लगाने तथा नए विद्युत खंभे और चालक लगाने के कार्य भी प्रस्तावित हैं। सकलडीहा क्षेत्र में विभिन्न फीडरों पर नई 11 केवी लाइन बिछाने तथा रान्य पंप नहर उपकेंद्र के लिए अतिरिक्त 33 केवी केबल लगाने का कार्य भी रिपोर्ट में शामिल है।
इन कार्यों के पूरा होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में कम वोल्टेज की समस्या कम करने, विद्युत भार के अनुरूप ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने तथा आपूर्ति तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। विभागीय रिपोर्ट में दर्ज कार्यों से जिले के विभिन्न विद्युत उपखंडों में विद्युत आधारभूत ढांचे के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की व्यापक योजना सामने आती है।

