‘गुप्त काशी’ के नाम से प्रसिद्ध है बाबा बटेश्वर नाथ धाम
भागलपुर (जनवार्ता)। सावन माह के आगमन के साथ भगवान शिव के प्राचीन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड में उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर स्थित बाबा बटेश्वर नाथ धाम भी प्रमुख शिवधामों में शामिल है। आस्था, इतिहास और पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा यह मंदिर ‘गुप्त काशी’ के नाम से प्रसिद्ध है, जहां सावन में बिहार, झारखंड समेत आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में कांवड़िये और श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।

लोकमान्यता के अनुसार, काशी नगरी की स्थापना के समय एक पग भूमि कम पड़ जाने के कारण काशी को वर्तमान वाराणसी में स्थापित किया गया। इसी मान्यता के आधार पर इस स्थान को ‘गुप्त काशी’ कहा जाता है। श्रद्धालु इस कथा को भगवान शिव की विशेष कृपा से जोड़कर देखते हैं और श्रद्धाभाव से यहां दर्शन-पूजन करते हैं।
सावन के दौरान श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर बाबा बटेश्वर नाथ का जलाभिषेक करते हैं। पूरे मंदिर परिसर में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से भक्तिमय माहौल बना रहता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि वशिष्ठ ने इसी स्थल पर भगवान शिव की प्रथम पूजा की थी। प्राचीन काल में यह क्षेत्र ऋषि-मुनियों की तपोभूमि माना जाता था, जिसके कारण यह धाम आज भी शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

