भदोही : सगी बेटी का हाथ-पैर बांधकर कमरे में छोड़ने की चर्चा

भदोही : सगी बेटी का हाथ-पैर बांधकर कमरे में छोड़ने की चर्चा

यौन शोषण का मामला आया सामने, युवती की हालत को लेकर सनसनी

भदोही। जिले के ज्ञानपुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आने का दावा किया गया है। पावर हाउस के समीप ठेले पर चाट बेचने वाले शिवशंकर मोदनवाल पर अपनी 20 वर्षीय सगी बेटी के साथ यौन शोषण और दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना की तिथि सोमवार, 5 अक्टूबर बताई जा रही है। हालांकि, मामले में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी आवश्यक है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवती अपने पिता के साथ रहती थी। आरोप है कि पिछले करीब छह महीने से पिता उसके साथ लगातार यौन शोषण कर रहा था। यह भी आरोप है कि वह युवती के हाथ-पैर बांधकर उसे घर के एक कमरे में कबाड़ के पास छोड़ देता था और इसके बाद अपना ठेला लेकर चाट बेचने चला जाता था।

कमरे से आवाज आने पर पड़ोसियों को हुआ शक

बताया जाता है कि 5 अक्टूबर को भी युवती को कथित तौर पर हाथ-पैर बांधकर कमरे में छोड़ दिया गया था। कुछ समय बाद कमरे के अंदर से लगातार खटखटाने की आवाज आने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। इसके बाद लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर पड़ोसी कथित तौर पर स्तब्ध रह गए। युवती की हालत गंभीर बताई जा रही है।

गंभीर हालत को लेकर लोगों में आक्रोश

घटना की जानकारी फैलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। युवती को उपचार के लिए अस्पताल ले जाए जाने की बात कही जा रही है। उसकी शारीरिक स्थिति को लेकर भी कई गंभीर दावे किए गए हैं, लेकिन चिकित्सकीय जांच अथवा अस्पताल की आधिकारिक जानकारी के अभाव में इन दावों की पुष्टि नहीं की जा सकती। घटना की चर्चा के बाद अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर लोगों की भीड़ जुटने की बात भी सामने आई है।

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पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

मामले में आरोपी बताए जा रहे व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होने, गिरफ्तारी अथवा पुलिस जांच की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे गंभीर आरोपों में पुलिस जांच, पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण और आवश्यक कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण है।

यह मामला सत्यापित होने पर पारिवारिक विश्वास, महिला सुरक्षा और बालिकाओं के संरक्षण से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, पीड़िता की पहचान गोपनीय रखते हुए उसके उपचार, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

Shiv murti

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