वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट, 10 मजदूरों की मौत, 23 गंभीर
सक्ती, (जनवार्ता)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंहितराई गांव स्थित Vedanta Limited के पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर करीब दो बजे भीषण बॉयलर विस्फोट हो गया। हादसे में 10 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 23 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। कुछ मजदूरों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका के बीच राहत एवं बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।
पुलिस अधीक्षक Prafull Thakur ने बताया कि विस्फोट बॉयलर ट्यूब में अचानक हुए ब्लास्ट के कारण हुआ। हादसे के समय बॉयलर सेक्शन का तापमान 700 डिग्री सेल्सियस से अधिक बताया गया, जिससे आग और गर्म भाप तेजी से फैल गई। जिला कलेक्टर Amrit Vikas Topno ने कहा कि तकनीकी टीम हादसे के कारणों की जांच कर रही है तथा मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने भी शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और घायलों के बेहतर उपचार की मांग की।
घटना के बाद स्थानीय विधायक Ramkumar Yadav मृतकों के परिजनों के साथ प्लांट के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए पर्याप्त मुआवजे की मांग की। पूर्व विधायक Chain Singh Samle ने मृतकों के आश्रितों को नौकरी देने की मांग करते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार बॉयलर एक बंद प्रणाली होती है, जिसमें पानी को अत्यधिक गर्म कर भाप तैयार की जाती है। जब इसके भीतर दबाव जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है, पानी की कमी हो जाती है, सेफ्टी वाल्व या प्रेशर गेज काम करना बंद कर देते हैं, अथवा समय पर मेंटेनेंस नहीं होता, तब बॉयलर ब्लास्ट का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे हादसों में हाई-प्रेशर भाप, आग और गर्म धातु के कारण गंभीर जलन और मौत तक हो सकती है।
करीब दो महीने पहले बलौदा बाजार जिले के बकुलाही स्थित एक इस्पात प्लांट में हुए विस्फोट में सात मजदूरों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल उठे थे।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

