ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर काशी में सेना को नमन
गंगा द्वार पर हुई विशेष आरती, गूंजे देशभक्ति के नारे
वाराणसी (जनवार्ता)। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर गुरुवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने मां गंगा की आरती कर सेना के जवानों की शक्ति, साहस और देश रक्षा के संकल्प के लिए प्रार्थना की।
ललिता घाट पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम् और जय हिंद के नारों से वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया। स्वयंसेवकों और नागरिकों ने तिरंगा झंडा तथा भारत माता की तस्वीर के साथ सेना के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की। श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर जवानों को नमन किया।
इस अवसर पर श्रीकाशी विश्वनाथ, मां गंगा और भगवान सूर्य नारायण की आरती उतारकर देश की सुरक्षा में जुटे सैनिकों के लिए मंगलकामना की गई। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में मिली सफलता भारतीय सेना के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि सेना ने न केवल देश की सीमाओं की रक्षा की है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मन में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी मजबूत की है। यह आयोजन सैनिकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का माध्यम है।
कार्यक्रम में शुभम शर्मा, सोनाली सिंह, रीता मिश्रा, शाश्वत सिन्हा सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। आयोजन के माध्यम से देश की एकता, अखंडता और सैनिकों के बलिदान के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया।


