जर्मनी में ‘सीरियल किलर’ डॉक्टर को उम्रकैद,

जर्मनी में ‘सीरियल किलर’ डॉक्टर को उम्रकैद,

15 मरीजों की हत्या का दोषी, 70 से अधिक अन्य मौतों की भी जांच

बर्लिन। जर्मनी की एक अदालत ने गंभीर रूप से बीमार मरीजों की देखभाल करने वाले 41 वर्षीय चिकित्सक जोहान्स एम. को 15 मरीजों की हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने चिकित्सक पर भविष्य में चिकित्सा व्यवसाय करने पर भी आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि वह 70 से अधिक अन्य संदिग्ध मौतों में भी शामिल हो सकता है, जिनकी जांच जारी है।

rajeshswari

अदालत के अनुसार, सितंबर 2021 से जुलाई 2024 के बीच जोहान्स एम. ने घर पर उपचार के दौरान 12 महिलाओं और तीन पुरुषों की जान ली। मृतकों की आयु 25 से 94 वर्ष के बीच थी। जांच में सामने आया कि आरोपी मरीजों को बेहोशी की दवा और मांसपेशियों को निष्क्रिय करने वाली दवा की घातक मात्रा देता था, जिससे उनकी सांस रुक जाती थी और कुछ ही मिनटों में मृत्यु हो जाती थी।

पीठासीन न्यायाधीश सिल्विया बुश ने मामले को “अकल्पनीय और असाधारण” बताते हुए कहा कि 15 हत्याओं का दोष सिद्ध होना संभवतः उसके अपराधों का केवल एक हिस्सा है। अदालत ने माना कि आरोपी ने दया या इच्छामृत्यु की भावना से नहीं, बल्कि पीड़ितों पर नियंत्रण स्थापित करने की मानसिकता के कारण हत्याएं कीं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने कम से कम पांच मामलों में सबूत मिटाने के उद्देश्य से मृतकों के घरों में आग भी लगाई। हालांकि कई मामलों में आग पूरी तरह नहीं फैल सकी, जिससे जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले।

इसे भी पढ़े   लड़की के चेहरे पर बना था तिरंगा,गोल्डन टेंपल में घुसने से रोका

सुनवाई के दौरान जोहान्स एम. ने अपने अपराध स्वीकार करते हुए अदालत से कहा कि उसे अपने किए पर गहरा पछतावा है और अब उसे अपने कृत्यों से हुए दुख का एहसास हुआ है। जांचकर्ताओं के अनुसार, एक दिन में उसने दो मरीजों की हत्या भी की थी।ये

यह मामला अगस्त 2024 में संदेह के आधार पर शुरू हुई जांच के बाद सामने आया। शुरुआत में केवल चार संदिग्ध मौतों की जांच की जा रही थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ संदिग्ध मामलों की संख्या लगातार बढ़ती गई। जर्मन अधिकारियों के अनुसार, अन्य संदिग्ध मौतों की जांच अभी भी जारी है।

Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *