E-20 पेट्रोल पर सरकार का बचाव, 30 रुपये प्रति लीटर तक बचत का दावा
नई दिल्ली (जनवर्ता)। केंद्र सरकार ने संसद में पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण (E-20) की नीति का बचाव करते हुए दावा किया कि यदि पेट्रोल में एथनॉल नहीं मिलाया गया होता, तो कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल के दौरान देश में पेट्रोल 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकता था। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, घरेलू स्तर पर निर्धारित कीमत पर उपलब्ध एथनॉल के कारण उपभोक्ताओं को करीब 30 रुपये प्रति लीटर तक की राहत मिली।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एथनॉल उत्पादन के लिए गरीबों के हिस्से का अनाज या भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) का सब्सिडी वाला चावल उपयोग में नहीं लाया गया। मंत्रालय के मुताबिक, मिडिल ईस्ट संकट के दौरान करीब 75 दिनों तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखी गईं और बाद में मई में 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। वर्तमान में दिल्ली में E-20 पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
लोकसभा में सड़क परिवहन मंत्रालय ने बताया कि E-10 ईंधन के लिए बने BS-III, BS-IV और BS-VI वाहनों में E-20 पेट्रोल के उपयोग से माइलेज में 2 से 6 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि E-20 नीति को लागू करने से पहले वाहन निर्माताओं और तेल कंपनियों से परामर्श के साथ तकनीकी परीक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन किए गए।

