सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाला नाइजीरियन गिरफ्तार
लखनऊ (जनवार्ता)। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम के नागरिकों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीय युवक-युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने तथा करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय नाइजीरियन गिरोह के एक सदस्य को एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान उचेनवा पुत्र ओनोडू एमेनुएफ निवासी ओलो स्टेट, नाइजीरिया के रूप में हुई है, जो वर्तमान में दक्षिणी दिल्ली के खानपुर क्षेत्र में रह रहा था।

एसटीएफ के अनुसार आरोपी फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर विदेशी नागरिकों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से दोस्ती करता था। इसके बाद महंगे गिफ्ट, डॉलर और पाउंड लेकर भारत आने का झांसा देकर एयरपोर्ट पर कस्टम और इनकम टैक्स में फंसने की कहानी सुनाकर लोगों से रुपये ऐंठे जाते थे।
एसटीएफ ने आरोपी को 15 मई की रात दिल्ली के खानपुर इलाके से गिरफ्तार किया। उसके पास से तीन मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
जांच में सामने आया कि लखनऊ के डालीगंज निवासी एक युवक को अगस्त 2025 में “डोरिस विलियम” नामक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल के जरिए प्रेमजाल में फंसाया गया। बाद में महिला के भारत आने और तीन करोड़ रुपये मूल्य के पाउंड साथ लाने की बात कही गई। इसके बाद खुद को कस्टम अधिकारी और इनकम टैक्स अधिकारी बताने वाले गिरोह के सदस्यों ने युवक से कस्टम ड्यूटी, जीएसटी और अन्य शुल्क के नाम पर करीब 68 लाख रुपये ठग लिए।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2010 में कपड़े के कारोबार के लिए भारत आया था, लेकिन बाद में अधिक पैसे के लालच में साइबर ठगी के धंधे में शामिल हो गया। उसने स्वीकार किया कि वर्ष 2020 में भी मध्य प्रदेश पुलिस उसे इसी प्रकार के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है और वह करीब चार वर्ष जेल में रहा था। जमानत पर छूटने के बाद वह फिर से साइबर ठगी में सक्रिय हो गया।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्य अभी भी दिल्ली में सक्रिय हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और वॉलेट की जांच की जा रही है तथा बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का फोरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा।
इस मामले में थाना मड़ियांव/मड़ेयगंज कमिश्नरेट लखनऊ में संबंधित धाराओं एवं आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

