राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश
लखनऊ (जनवार्ता)। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता के मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ता कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने ब्रिटेन की कंपनी बैकऑप्स लिमिटेड के दस्तावेजों में खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था। इससे भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9 के तहत उनकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है, क्योंकि भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता। याचिकाकर्ता ने रायबरेली के कोतवाली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराने और विस्तृत जांच की मांग की थी, जिसमें भारतीय न्याय संहिता, पासपोर्ट एक्ट, विदेशी अधिनियम और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की विभिन्न धाराओं का हवाला दिया गया था।
कोर्ट ने लखनऊ की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट के 28 जनवरी 2026 के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया गया था। निचली अदालत ने कहा था कि नागरिकता का मुद्दा तय करने का अधिकार उसके पास नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता का आरोप जांच का विषय है। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह या तो खुद जांच करे या मामले को किसी केंद्रीय एजेंसी जैसे सीबीआई को सौंपकर जांच कराए। एफआईआर रायबरेली के कोतवाली थाने में दर्ज करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।
यह मामला लंबे समय से चल रहा था। याचिकाकर्ता ने पहले रायबरेली की अदालत में शिकायत की, फिर उसे लखनऊ ट्रांसफर कराया। हाईकोर्ट में कई सुनवाइयां हुईं। कोर्ट ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से राहुल गांधी की नागरिकता संबंधी पूरी फाइल और रिकॉर्ड तलब किए थे। कुछ सुनवाइयां चैंबर में गोपनीय रूप से हुईं। आठ अप्रैल 2026 को कोर्ट ने कहा था कि वह आरोपों की सच्चाई अभी जांच नहीं करेगा, लेकिन एफआईआर की मांग पर सुनवाई जारी रही। शुक्रवार की सुनवाई में कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का अंतिम आदेश दे दिया।
याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने इस फैसले को लैंडमार्क जजमेंट बताया है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस या केंद्रीय एजेंसी जांच करेगी। जांच के आधार पर चार्जशीट दाखिल हो सकती है या क्लोजर रिपोर्ट। अगर दोष सिद्ध होता है तो राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता (रायबरेली से) प्रभावित हो सकती है, क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 84 और 102 के तहत सांसद बनने के लिए केवल भारतीय नागरिक ही योग्य होता है।
राहुल गांधी या कांग्रेस की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

