डीएसआर पद्धति से तीन एकड़ में धान की बुवाई, कृषि विभाग ने किसानों को किया जागरूक
वाराणसी (जनवार्ता)। सेवापुरी विकास खंड के एक प्रगतिशील किसान के खेत में रविवार को कृषि विभाग की पहल पर डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) पद्धति से तीन एकड़ क्षेत्र में धान की बुवाई कराई गई। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली आधुनिक खेती तकनीकों के प्रति जागरूक किया।

संयुक्त कृषि निदेशक शैलेन्द्र ने प्रगतिशील किसान हौसिला प्रसाद दुबे के खेत का निरीक्षण करते हुए बताया कि अल नीनो के प्रभाव के कारण इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में डीएसआर पद्धति किसानों के लिए लाभकारी विकल्प साबित हो सकती है, क्योंकि इसमें पारंपरिक रोपाई की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक कम पानी की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से समय, श्रम और लागत में भी कमी आती है।
उन्होंने बताया कि सेवापुरी विकास खंड में किसानों को हाइब्रिड मक्का के प्रदर्शन के लिए निःशुल्क बीज भी वितरित किए गए हैं। साथ ही किसानों को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों, जैसे श्रीअन्न, मक्का और बाजरा की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कृषि विभाग ने किसानों से जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और बदलते मौसम के अनुरूप फसल चयन करने की अपील की।

