‘केसर-ए-हिंद’ हटाने की मांग

‘केसर-ए-हिंद’ हटाने की मांग

वाराणसी (जनवार्ता)। शहर के व्यापारियों और उद्यमियों ने सरकारी राजस्व अभिलेखों से ब्रिटिश कालीन शब्द ‘केसर-ए-हिंद’ हटाने की मांग की है। मंगलवार को पराडकर भवन में मालवीय मार्केट व्यावसायिक संघ और शरणार्थी व्यापार महामंडल, काशी की परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता के दशकों बाद भी राजस्व रिकॉर्ड में ऐसे औपनिवेशिक शब्दों का बने रहना उचित नहीं है।

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संघ के अध्यक्ष अभिषेक केसरी ने बताया कि कोतवाली थाना से संबंधित राजस्व अभिलेख में अब भी ‘केसर-ए-हिंद’ दर्ज है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूर्व मंत्री शतरुद्र प्रकाश भी प्रशासन से संशोधन की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। वक्ताओं ने प्रशासन से विधिक प्रक्रिया के तहत अभिलेखों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन करने की मांग की।

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Shiv murti

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