20 साल पुराने खाद्यान्न घोटाले में कोटेदार गिरफ्तार

20 साल पुराने खाद्यान्न घोटाले में कोटेदार गिरफ्तार

ईओडब्ल्यू ने जौनपुर से दबोचा

वाराणसी (जनवार्ता) । लगभग दो दशक पुराने चर्चित खाद्यान्न घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) वाराणसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जौनपुर के एक कोटेदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी को वाराणसी की भ्रष्टाचार निवारण अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

rajeshswari

ईओडब्ल्यू के अनुसार, वर्ष 2004-05 में जौनपुर के रामनगर विकासखंड में केंद्र एवं राज्य सरकार की संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत नाली निर्माण, संपर्क मार्ग और मिट्टी भराई जैसे विकास कार्य कराए जाने थे। योजना के तहत कार्य करने वाले मजदूरों को मजदूरी के बदले खाद्यान्न (चावल) वितरित किया जाना था।

जांच में आरोप है कि तत्कालीन खंड विकास अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख, कार्य प्रभारी और कोटेदार सहित अन्य जिम्मेदार लोगों ने मिलीभगत कर वित्तीय अनियमितता की। आरोपियों ने मजदूरों को खाद्यान्न वितरित किए बिना कूटरचित अभिलेख तैयार कर लाखों रुपये के सरकारी धन का गबन किया।

इस मामले में वर्ष 2020 में थाना ईओडब्ल्यू वाराणसी में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी क्रम में शुक्रवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने जौनपुर के रामपुर थाना क्षेत्र के दामोदरा गांव निवासी तत्कालीन कोटेदार वीरेन्द्र बहादुर सिंह पुत्र द्वारिका प्रसाद सिंह को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू वाराणसी प्रदीप कुमार द्वारा गठित टीम में निरीक्षक सहजानंद श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक संजय सोनकर, मुख्य आरक्षी विनोद यादव, सतीश गुप्ता सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। ईओडब्ल्यू का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।

इसे भी पढ़े   ब्लूमिंग किड्स स्कूल में मां-बेटी का तीखा संपत्ति विवाद, बच्चों को भेजना पड़ा घर
Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *