बीएचयू अस्पताल के बाहर स्ट्रीट वेंडरों के रोजगार की सुरक्षा की मांग, नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी (जनवार्ता)। बीएचयू अस्पताल के बाहर वर्षों से आजीविका चला रहे स्ट्रीट वेंडरों को हटाए जाने और पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त एवं टाउन वेंडिंग कमेटी के अध्यक्ष हिमांशु नागपाल को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने वेंडरों को संरक्षण प्रदान करने तथा स्ट्रीट वेंडर कानून के तहत उनके व्यवस्थित पुनर्वास की मांग की।


ज्ञापन में कहा गया कि लंका स्थित बीएचयू अस्पताल के बाहर दशकों से छोटे दुकानदार और रेहड़ी-पटरी व्यवसायी मरीजों एवं उनके परिजनों को चाय, दूध, नाश्ता, गर्म पानी और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराते आ रहे हैं। इन दुकानों से अस्पताल आने वाले लोगों को विशेषकर रात के समय सुविधा और सुरक्षा का एहसास होता है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से सवाल किया कि जब केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण एवं पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम लागू किया है तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से वेंडरों को ऋण उपलब्ध कराया गया है, तो फिर उन्हें व्यवसाय करने से क्यों रोका जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि अधिनियम की धारा 3(3) के अनुसार सर्वेक्षण और विक्रय प्रमाणपत्र जारी किए बिना किसी वेंडर को उसके स्थान से नहीं हटाया जा सकता।
प्रो. संदीप पांडेय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सबसे कमजोर वर्ग के अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना गरीब दुकानदारों को हटाया जाता है तो यह कानून की भावना के विपरीत होगा।
ज्ञापन में मांग की गई कि वर्तमान वेंडरों को तब तक न हटाया जाए जब तक उनके लिए उपयुक्त वैकल्पिक वेंडिंग स्थल उपलब्ध नहीं कराया जाता। साथ ही नगर निगम और पुलिस प्रशासन को कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करने की अपील की गई। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग उठाई कि यदि किसी स्थान से वेंडरों को हटाया जाता है तो प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि वहां भविष्य में किसी अन्य प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित न हो, अथवा पूर्व वेंडरों को प्राथमिकता के आधार पर पुनर्स्थापित किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल में गुमटी व्यवसायी कल्याण समिति लंका के अध्यक्ष एवं टाउन वेंडिंग कमेटी के पूर्व सदस्य चिंतामणि सेठ, प्रेम सोनकर, धनंजय, गोपाल सोनकर, महेंद्र गुप्ता, त्रिवेणी गुप्ता, मुन्नी देवी तथा मंगल मोदनवाल सहित अन्य लोग शामिल रहे।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि स्ट्रीट वेंडरों के अधिकारों की अनदेखी जारी रही तो लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।

