काशी में चर्चा में आए नीलकंठ तिवारी, पीएम मोदी के ‘मुक्का आशीर्वाद’ से बढ़ी पहचान
नरेंद्र मोदी के आत्मीय अंदाज ने खींचा ध्यान, शहर दक्षिणी विधायक का राजनीतिक सफर फिर चर्चा में
वाराणसी (जनवार्ता):
काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शहर दक्षिणी विधायक नीलकंठ तिवारी के बीच हुई आत्मीय मुलाकात इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने तिवारी की पीठ पर हल्का सा थपथपाया, जिसे स्थानीय लोग ‘मुक्का आशीर्वाद’ कहकर संबोधित कर रहे हैं। इस क्षण ने सोशल मीडिया पर भी खासा ध्यान खींचा है।
राजनीतिक पहचान और सफर
नीलकंठ तिवारी वाराणसी की शहर दक्षिणी विधानसभा सीट से विधायक हैं। वर्ष 2017 में उन्होंने पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। उस समय पार्टी ने वरिष्ठ नेता श्याम देव राय चौधरी का टिकट काटकर उन्हें उम्मीदवार बनाया था, जिससे राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा हुई थी।
चुनाव में तिवारी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को करीब 16 हजार वोटों से हराया था। उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के करीबी नेताओं में भी गिना जाता है।
शिक्षा और पेशा
मूल रूप से देवरिया निवासी नीलकंठ तिवारी ने हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज, वाराणसी से बीएससी और एलएलबी की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने एकात्म मानववाद एवं सामाजिक अभियंत्रण विषय में पीएचडी की उपाधि हासिल की। पेशे से वे अधिवक्ता हैं और वर्ष 2014 में सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
छात्र राजनीति से शुरुआत
उनका राजनीतिक सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ। वर्ष 1989 में वे हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज छात्रसंघ के महामंत्री रहे। बाद में उन्होंने विनायका वार्ड से पार्षद का चुनाव भी लड़ा, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली।
परिवारिक पृष्ठभूमि
तिवारी के पिता ओंकारनाथ तिवारी पुलिस विभाग में कार्यरत थे। उनकी पत्नी का नाम पूनम तिवारी है। परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं।
बढ़ती चर्चा
हालिया मुलाकात के बाद नीलकंठ तिवारी एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। पीएम मोदी के साथ उनकी सहज और आत्मीय केमिस्ट्री को उनके राजनीतिक कद से भी जोड़कर देखा जा रहा


