लाइसेंस नियमों और कार्रवाई से नाराज नाविक समाज
आंदोलन की दी चेतावनी
वाराणसी (जनवार्ता)। गंगा नदी में नाव संचालन, लाइसेंस नवीनीकरण और प्रशासनिक कार्रवाई के मुद्दों को लेकर बुधवार को राजघाट स्थित आठ फेरी निषाद राज सेवा समिति की ओर से नाविक समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष दुर्गा मांझी ने की, जिसमें मांझी समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए।

बैठक में नाविकों ने नाव संचालन लाइसेंस के नवीनीकरण की नई प्रक्रिया पर कड़ी नाराजगी जताई। वक्ताओं का कहना था कि अब तक नगर निगम के माध्यम से संचालित होने वाली व्यवस्था को आरटीओ से जोड़ने के कारण पारंपरिक नाविकों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उनका आरोप था कि नई व्यवस्था से बड़े क्रूज और बजड़ों को लाभ मिलेगा, जबकि वर्षों से गंगा में नाव चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले नाविकों की आजीविका प्रभावित होगी।
समिति अध्यक्ष दुर्गा मांझी ने कहा कि सेफ्टी जैकेट, ओवरलोडिंग और अन्य नियमों के नाम पर लगातार नावों को सीज किया जा रहा है तथा नाविकों पर मुकदमे दर्ज कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी दुर्घटना या आपदा के समय नाविक समाज के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की मदद करते हैं, लेकिन उन्हें सहयोग के बजाय कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में नाविक समाज ने मांग की कि पूर्व की भांति नगर निगम के माध्यम से ही नाव संचालन के लाइसेंस जारी किए जाएं तथा नाविकों का उत्पीड़न तत्काल बंद किया जाए। समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बैठक में मुख्य रूप से नारायण मांझी, नरोत्तम मांझी, गोविंद साहनी, सोनू साहनी, सागर साहनी, प्रदीप चौधरी, देवेंद्र साहनी, रितिक साहनी, भानु साहनी, बचाऊ मांझी, सच्चे लाल मांझी और फूलचंद मांझी सहित बड़ी संख्या में नाविक समाज के लोग उपस्थित रहे।

