BHU में लगेगी काशी नरेश की प्रतिमा? तेज हुई मांग, PM मोदी को पत्र लिखेंगे श्याम किशोर सिंह
वाराणसी (जनवार्ता)। काशी की आस्था, परंपरा और इतिहास से गहरे जुड़े काशी नरेश स्वर्गीय विभूति नारायण सिंह की प्रतिमा अब काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में स्थापित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। लोकदल के प्रदेश सचिव श्याम किशोर सिंह ने इस मांग को प्रमुखता से उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की घोषणा की है।


श्याम किशोर सिंह का कहना है कि काशी नरेश केवल काशी के राजपरिवार के मुखिया नहीं, बल्कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना और उसके विकास से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्तित्व रहे हैं। उनके अनुसार, BHU के निर्माण के लिए काशी नरेश ने हजारों एकड़ भूमि दान की थी। वे विश्वविद्यालय के आजीवन कुलाधिपति भी रहे। ऐसे में विश्वविद्यालय परिसर में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित होना उनके ऐतिहासिक योगदान के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि लंका स्थित BHU परिसर में विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की भव्य प्रतिमा स्थापित है। महामना के साथ काशी नरेश की प्रतिमा भी विश्वविद्यालय परिसर में होनी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी को यह पता चल सके कि इस महान शिक्षण संस्थान की स्थापना के पीछे किन-किन विभूतियों का योगदान रहा है।
इन स्थानों में प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव
श्याम किशोर सिंह ने काशी नरेश की प्रतिमा के लिए विश्वविद्यालय के प्रथम तिराहे, महिला महाविद्यालय, सर सुंदरलाल अस्पताल के प्रवेश मार्ग और मेडिकल कॉलेज के बीच के क्षेत्र को उपयुक्त बताया है। उनका मानना है कि यह स्थान विश्वविद्यालय के प्रमुख मार्गों में होने के कारण प्रतिमा के लिए प्रभावी रहेगा और यहां से गुजरने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा देश-विदेश से आने वाले लोगों का ध्यान काशी नरेश के योगदान की ओर जाएगा।
“काशी नरेश का योगदान भुलाया नहीं जा सकता”
श्याम किशोर सिंह ने कहा कि काशी नरेश स्वर्गीय विभूति नारायण सिंह अत्यंत उदार और दानशील व्यक्तित्व के धनी थे। काशीवासियों की आस्था में उनका विशेष स्थान रहा और उन्होंने शिक्षा तथा समाज के विकास के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि जिस विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए काशी नरेश ने अपनी भूमि समर्पित की, उसी परिसर में उनकी प्रतिमा होना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि **“काशी नरेश का योगदान केवल काशी के इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि BHU की नींव और उसकी गौरवशाली यात्रा से भी जुड़ा है। उनकी प्रतिमा विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित होने से विद्यार्थियों और आने वाली पीढ़ियों को उनके योगदान की जानकारी मिलेगी।”**
इस मांग को लेकर श्याम किशोर सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की तैयारी में हैं। अब देखना होगा कि काशी की ऐतिहासिक विरासत और BHU से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार की ओर से क्या पहल होती है।

