प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में जान जोखिम में डालकर सफर को मजबूर ग्रामीण
वरुणा पर पुल की मांग तेज
वाराणसी (जनवार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास के दावों के बीच आज भी कुछ गांव ऐसे हैं, जहां ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। जिला मुख्यालय से महज 8 से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित शिवपुर क्षेत्र के भवानीपुर गांव और लोहता क्षेत्र के कोटवां गांव के बीच बहने वाली वरुणा नदी पर पुल न होने से हजारों ग्रामीण वर्षों से असुरक्षित साधनों के सहारे आवागमन करने को विवश हैं।


ग्रामीणों के अनुसार सुरवा घाट पर करीब 50 वर्षों से नाव के सहारे नदी पार की जाती है। वर्तमान में नदी के दोनों तटों पर बांस बांधकर रस्सी के सहारे नाव संचालित की जा रही है। इस अस्थायी व्यवस्था के जरिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग, छात्र-छात्राएं, किसान और मजदूर नदी पार करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरा सी चूक या तकनीकी गड़बड़ी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
ग्रामीण बताते हैं कि बरसात और बाढ़ के दौरान हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने पर नाव संचालन जोखिम भरा हो जाता है, जिससे लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। कई बार छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल सका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के दोनों किनारों तक सड़क संपर्क पहले से मौजूद है। यदि सुरवा घाट पर पुल का निर्माण हो जाए तो भवानीपुर, कोटवां समेत आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और आवागमन सुरक्षित व सुगम हो जाएगा।
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए वरुणा नदी पर पुल निर्माण की योजना को प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि विकास की मुख्यधारा से जुड़ने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब स्थायी समाधान आवश्यक हो गया है।

