नोएडा में दूसरे दिन भी हिंसा, 300 गिरफ्तार
नोएडा, (जनवार्ता)।नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। कई स्थानों पर कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो झड़प शुरू हो गई। इस दौरान भीड़ ने 2-3 जगहों पर पुलिस वाहनों पर पथराव भी किया। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही देर में स्थिति पर काबू पा लिया और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया।
हालात को देखते हुए औद्योगिक इलाकों में सुबह 5 बजे से पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों द्वारा फ्लैग मार्च किया जा रहा है। पूरे क्षेत्र की निगरानी CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए की जा रही है। तनावपूर्ण माहौल के चलते मंगलवार को अधिकांश कंपनियां बंद रहीं।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षतिग्रस्त सरकारी और निजी संपत्ति की भरपाई भी उपद्रवियों से ही कराई जाएगी।
वहीं पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अब तक 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वाले कई सोशल मीडिया ग्रुप चिन्हित किए गए हैं। जांच में कुछ ऐसे लोग भी सामने आए हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर उपद्रव करते पाए गए। शुरुआती जांच में करीब 50 X हैंडल के जरिए हिंसा भड़काने की कोशिश का पता चला है।
इधर, उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात फैक्ट्री कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में ₹3000 तक की बढ़ोतरी कर दी। नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी होंगी। सोमवार को हुए बवाल के बाद गठित हाईलेवल कमेटी ने देर रात कर्मचारियों के साथ बैठक की थी। इसके बाद रात करीब डेढ़ बजे सरकार ने आदेश जारी कर कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दे दी।

