‘काशी अभिमान’ टमाटर संकर के उत्पादन-विपणन हेतु लाइसेंस समझौता
मिर्जापुर (जनवार्ता)। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित उन्नत टमाटर संकर ‘काशी अभिमान’ के अनुसंधान, उत्पादन एवं विपणन अधिकारों को लेकर गुरुवार को रियल एग्री क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, नागपुर के साथ लाइसेंस समझौता किया गया। संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कंपनी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘काशी अभिमान’ टमाटर संकर किसानों और बीज कंपनियों के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने बताया कि यह निर्धारक वृद्धि प्रकृति वाला संकर है, जिसके फल गहरे लाल रंग एवं सख्त बनावट वाले होते हैं। फलों का औसत वजन 90 से 100 ग्राम तक है, जबकि इसकी उत्पादन क्षमता 800 से 900 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक आंकी गई है।
उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित अन्य उन्नत प्रजातियों का भी उल्लेख किया। इनमें भिंडी की ‘काशी सहिष्णु’ तथा मटर की ‘काशी तृप्ति’ और ‘काशी अगेती’ प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान की विकसित तकनीकों एवं प्रजातियों पर देशभर की बीज कंपनियों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
कंपनी की ओर से उत्तर विभाग के विपणन एवं विक्रय प्रमुख अरविंद कृष्णावत ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि संस्थान के साथ यह साझेदारी कंपनी के लिए लाभकारी होगी। कार्यक्रम के दौरान कंपनी प्रतिनिधियों एवं वैज्ञानिकों के बीच तकनीकी विषयों पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एबी सिंह, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. एस. के. सिंह, डॉ. सुदर्शन मौर्य, डॉ. त्रिभुवन चौबे, डॉ. जेके तिवारी तथा डॉ. वाईएस रेड्डी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. इन्दीवर प्रसाद ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नीरज सिंह ने किया।

