सारनाथ पहुंचा शांति यात्रा का साथी ‘आलोक’
*वाराणसी (जनवार्ता)। विश्व शांति और करुणा का संदेश लेकर वियतनाम मूल के अमेरिकी बौद्ध भिक्षु पन्नकारा बुधवार को सारनाथ पहुंचे। धम्म शिक्षण केंद्र में बौद्ध भिक्षुओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ मौजूद भारतीय देसी नस्ल का श्वान ‘आलोक’ लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा ने बताया कि भिक्षु पन्नकारा थाईलैंड और नई दिल्ली होते हुए सारनाथ पहुंचे। यहां उन्होंने मूलगंध कुटी विहार में धम्म देशना का पाठ किया, जिसमें कई भिक्षु शामिल हुए।
भिक्षु पन्नकारा ने विश्व शांति के लिए अमेरिका में टेक्सास से वाशिंगटन तक करीब 3,500 किलोमीटर की पदयात्रा की है। इसी तरह भारत में कोलकाता से बोधगया की यात्रा के दौरान उन्हें एक देसी श्वान मिला, जिसे उन्होंने ‘आलोक’ नाम दिया। तब से आलोक उनकी शांति यात्राओं का साथी बना हुआ है।
एक समय सड़क पर रहने वाला आलोक आज शांति, करुणा और पशु कल्याण का प्रतीक बन चुका है। अमेरिका में 2,300 मील लंबी पीस वॉक के दौरान वह सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हुआ। भारत लौटने पर नई दिल्ली में उसका सम्मान किया गया। आलोक की यात्रा को विश्व शांति और सह-अस्तित्व के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

