सावन में शिवमय हुई काशी
वाराणसी (जनवार्ता)। श्रावण मास के पहले सोमवार पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर की मंगला आरती से लेकर रात्रि की शयन आरती तक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और दर्शन-पूजन किया। मंदिर परिसर, गंगा घाट और आसपास की गलियां हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजती रहीं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार काशी ‘अविमुक्त क्षेत्र’ है, जहां भगवान शिव का स्थायी निवास माना जाता है। स्कंदपुराण में भी काशी की महिमा का वर्णन मिलता है। बारह ज्योतिर्लिंगों में श्री काशी विश्वनाथ का विशेष स्थान है और सावन में यहां जलाभिषेक का महत्व और बढ़ जाता है।
सावन के प्रत्येक सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाता है। धाम के स्वर्णिम शिखरों, गंगा तट और श्रद्धालुओं की भक्ति से पूरा वातावरण शिवमय बना हुआ है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।

