पटना–सासाराम फोरलेन को मिली रफ्तार, सितंबर से शुरू हो सकता है निर्माण
पटना (जनवार्ता)। बिहार में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पटना–भोजपुर–सासाराम फोरलेन परियोजना के लिए ओमान की कंपनी Galfar Engineering & Construction के साथ समझौता कर लिया है।
परियोजना के तहत करीब 120 किलोमीटर लंबी एक्सेस-कंट्रोल्ड फोरलेन सड़क बनाई जाएगी, जो पटना से शुरू होकर भोजपुर होते हुए सासाराम तक जाएगी। इसके निर्माण के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय लगभग चार घंटे से घटकर दो घंटे रह जाएगा।

जानकारी के अनुसार, निर्माण एजेंसी फिलहाल वित्तीय व्यवस्था के लिए बैंकों से ऋण लेने की प्रक्रिया में जुटी है, जिसमें करीब चार महीने का समय लग सकता है। ऐसे में परियोजना का निर्माण कार्य सितंबर से शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
इस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में पटना से भोजपुर तक 46 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा, जबकि दूसरे चरण में आरा से सासाराम तक 74 किलोमीटर का हिस्सा विकसित किया जाएगा।
हालांकि, ओमान से मंजूरी मिलने में देरी के कारण समझौता प्रक्रिया लगभग छह महीने पीछे चली गई। पहले इस परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब इसके 2029 तक पूरा होने की संभावना है।
एक्सेस-कंट्रोल्ड डिजाइन में बनने वाली इस सड़क पर सीमित एंट्री और एग्जिट पॉइंट होंगे, जिससे यातायात अधिक सुरक्षित और तेज होगा।
इस कॉरिडोर के निर्माण से पीरो, नौबतपुर, अरवल, सहार, हसन बाजार, संझौली और नोखा सहित आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही पटना से भोजपुर, अरवल और रोहतास होते हुए वाराणसी की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ व्यापार और आवागमन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

