आईआईटी-बीएचयू में नया अकादमिक मॉडल लागू, बीटेक छात्रों को सेकेंड मेजर का विकल्प
वाराणसी (जनवार्ता)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप आईआईटी-बीएचयू ने नए शैक्षणिक सत्र से बीटेक और एमटेक विद्यार्थियों के लिए कई बड़े अकादमिक सुधार लागू किए हैं। अब बीटेक छात्र अपने मुख्य विषय के साथ सेकेंड मेजर भी कर सकेंगे। साथ ही बीटेक और एमटेक छात्रों के लिए एक सेमेस्टर की इंडस्ट्री इंटर्नशिप भी अनिवार्य की गई है।

नई व्यवस्था के तहत छात्र प्रतिष्ठित उद्योगों, शोध संस्थानों, स्टार्टअप और सरकारी संस्थानों में पूर्ण सेमेस्टर की इंटर्नशिप कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। इसके अलावा संस्थान ने एमटेक-पीएचडी डुअल डिग्री कार्यक्रम शुरू किया है और अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) को भी पूरी तरह लागू किया है, जिससे छात्र विभिन्न विभागों के पाठ्यक्रम पढ़ने और क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
आईआईटी-बीएचयू के डीन (एकेडमिक) प्रोफेसर देवेंद्र सिंह के अनुसार, ये बदलाव उद्योग की जरूरतों और वैश्विक उच्च शिक्षा मानकों को ध्यान में रखकर किए गए हैं।
वहीं, जेओएसए काउंसलिंग के पहले राउंड में आईआईटी-बीएचयू के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई) की ओपनिंग रैंक 819 और क्लोजिंग रैंक 1436 रही। पहले ही राउंड में इस शाखा की सभी सीटें भर गईं।

